10 Lakh/Day ! How to Sell on Amazon USA from India?

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Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Satish K Videos.

इस सामग्री के बारे में: नीचे दिया गया सारांश, मुख्य बिंदु और विषय वीडियो की ट्रांसक्रिप्ट से स्वचालित रूप से तैयार किए गए हैं। वे वीडियो में प्रस्तुत सामग्री, राय, दावों और भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं और All The Gate की ओर से किसी समर्थन, सत्यापन या तथ्य-जांच का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।

वीडियो सारांश

इस वीडियो में सुनील पटेल ने भारत में रहते हुए अमेज़न यूएस पर ई-कॉमर्स व्यवसाय चलाने के अपने अनुभव और रणनीतियों को साझा किया है। इसमें उत्पादों की सोर्सिंग, एफबीए (Fulfillment by Amazon), कम रिटर्न दर, लॉजिस्टिक्स और विज्ञापन रणनीतियों के बारे में चर्चा की गई है।

मुख्य बिंदु

  • सुनील पटेल ने भारत में घर बैठे अमेज़न यूएस के माध्यम से पिछले 12 महीनों में लगभग 3.5 मिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 35 करोड़ रुपये) का कारोबार किया है।
  • यूएस बाजार में कंप्यूटर एक्सेसरीज और आरएफआईडी/एनएफसी ब्लॉकिंग कार्ड जैसे उत्पाद बेचे जाते हैं, जहां आरएफआईडी कार्ड सबसे अधिक बिकने वाले उत्पादों में से एक है।
  • यूएस बाजार में कम रिटर्न दर (1% से भी कम) और सीओडी (कैश ऑन डिलीवरी) का न होना व्यवसाय को अधिक सुगम बनाता है।
  • अमेज़न के एफबीए मॉडल और यूपीएस (यूनाइटेड पार्सल सर्विस) के टाई-अप के माध्यम से भारत से सीधे यूएस के वेयरहाउस तक उत्पाद भेजना संभव है।
  • उत्पादों के विपणन के लिए विज्ञापन (एड्स) पर लगभग 15 से 20 प्रतिशत खर्च किया जाता है, जिससे लगभग 60% बिक्री विज्ञापनों से और 40% ऑर्गेनिक तरीके से आती है।
  • छोटे आकार के और कम वजन वाले उत्पादों से शुरुआत करने की सलाह दी जाती है ताकि हवाई मार्ग (बाय एयर) या समुद्री मार्ग (बाय सी) से शिपिंग लागत को नियंत्रित किया जा सके।

विषय

ई-कॉमर्सऑनलाइन खुदरामार्केटप्लेसडिजिटल मार्केटिंगलॉजिस्टिक्सभुगतानअमेज़न यूएस
वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट

उपलब्ध कैप्शन का पाठ; इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।

Amazon इंडिया पे जो सेल कर रहे हैं Flipkart ये सब मिला के 100 करोड़ का टर्नओवर आपका है एक साल का। तो यूएस में कितना टर्नओवर है? यूएस में हमारा अभी लास्ट 12 मंथ्स का देखा जाए तो हमने ऑलरेडी 3.5 मिलियन यूएस डॉलर किया है। 3.5 मिलियन अराउंड 37 करोड़ इंडियन रूपीस। यस। तो वो भी इंडिया में बैठे-बैठे हैं। अभी मंथली ऑर्डर्स कितने होते हैं? यूएस में अभी मंथली हमारा 15,000 से 25,000 के बीच में चल रहा है। 3.5 मिलियन आप कर रहे हैं। यस। तो एक बार ऑडियंस को दिखा सकते हैं लास्ट वीडियो की तरह। क्या बात है। $3.573 मिलियन डॉलर। आप यह बताइए कि क्या प्रोडक्ट हम यूएस में सेल कर रहे हैं? यूएस में अभी हम लोग बेच रहे हैं। तो इसमें हमें ग्रॉस प्रॉफिट कितना होता है? ग्रॉस प्रॉफिट देखिए Amazon पे अपने प्रोडक्ट कैसे हम सेल कर सकते हैं इंडिया में बैठे-बैठे। एक तो Amazon में है ना? जो नया सेलर है या फिर जो लोग ऑलरेडी इंडिया में सेल कर रहे हैं। वो लोग अगर यूएस में सेल करना चाहते हैं तो उनके लिए आप स्टेप बाय स्टेप बता सकते हैं। नमस्ते दोस्तों स्वागत है आपका एक और शानदार एपिसोड में। दोस्तों आज के हमारे गेस्ट हैं सुनील पटेल सर जो इंडिया में तो Amazon पे फोड़ ही रहे हैं और साथ-साथ में Amazon यूएस पे भी फोड़ रहे हैं। तो आज का जो एपिसोड है वो डेडिकेटेड रहेगा Amazon यूएस के लिए कि कैसे हम इंडिया में बैठे-बैठे Amazon यूएस में हम सेल कर सकते हैं। तो आई होप कि आपने इनके साथ हमारा पिछला वीडियो देखा होगा और उस पे आपने बहुत प्यार दिया था। तो उसके लिए अलग से आपको धन्यवाद। तो आज का एपिसोड भी बहुत धांसू होने वाला है। तो मिलवाते हैं आपको हमारे गेस्ट से आज फिर से। स्वागत है सुनील सर फिर से। थैंक यू सर। थैंक यू फिर से मुझे बुलाने के लिए। थैंक यू। और दूसरी बार फिर से आप टाइम निकालने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। और मुझे जहां तक यकीन है कि यह एपिसोड भी बहुत ही एक्साइटिंग होने वाला है। बहुत ही दमदार होने वाला है। क्योंकि अभी तक जो भी मैंने वीडियोस करे हैं कि हम इंडिया में कैसे बिजनेस कर सकते हैं या इंडिया में हम कैसे सेल कर सकते हैं। अभी तक मैंने अपने चैनल पे कहीं बात नहीं किया था कि हम यूएस में कैसे हम इंडिया में बैठे-बैठे अपने प्रोडक्ट्स यूएस में कैसे सेल कर सकते हैं। तो सबसे पहले तो एक छोटा सा इंट्रो हो जाए। वैसे तो आपको पहले लोगों ने देखा हुआ है। तो एक मैं चाहूंगा अपना एक छोटा सा इंट्रो। मेरा नाम सुनील पटेल है। मैं वड़ोदरा से बिलोंग्स करता हूं। और इंडिया में हमारा बिजनेस सटेक आईटी प्राइवेट लिमिटेड करके कंपनी से हम लोग रन कर रहे हैं विद स्टोर राइट ब्रांड एज अ मेन मेन फोकस। यूएस में मेरा ब्रांड का नाम है सटेक आईटी। तो वहां पे हमारा पहले से ही फोकस आईटी रिलेटेड प्रोडक्ट्स बेचना था। तो हम लोगों ने वहां पे सटेक आईटी करके ट्रेडमार्क भी लिया हुआ है यूएस में। तो इंडिया में बेचते-बचते आपको यूएस का ख्याल कैसे आया? एक्चुअली जब मैं जब मैंने इंडिया में शुरू किया था लाइक अराउंड 2013 तो मेरा यूएस का अकाउंट भी हम लोगों ने 2014 में ही बना लिया था। बना लिया था। बट हम लोग वहां पे धीरे-धीरे ग्रो कर रहे थे के पहला फोकस हमारा इंडिया में एस्टैब्लिश करना था। तो लाइक एक बार हमारा इंडिया एस्टैब्लिश हो गया। उसके बाद हमने जो भी प्रोडक्ट्स हमारे इंडिया में चले वो मोर और लेस सेम प्रोडक्ट्स हमने यूएस में भी इलेक्ट्रॉनिक्स कैटेगरीज में चलाया है और मोस्टली अभी तक चले भी है। तो क्या हम ये समझे कि मार्केट दोनों सेम है? मार्केट दोनों सेम है बट ऑडियंस डेफिनेटली अलग है। कस्टमर का टेस्ट अलग है। तो जो प्रोडक्ट्स इंडिया में चलती है वो शायद यूएस में ना भी चले और जो यूएस में चल रही है वो इंडिया में ना भी चले। वो आपको एक प्रिपेयर रहना पड़ता है। बट हम लोगों ने सब जो भी हमको लगे यार यह बेचना चाहिए तो वीस्ट और जो चल पड़ा है वो यूएस में बहुत ही अच्छा चल पड़ा है। तो जैसा कि आपने बताया था कि Amazon इंडिया में मतलब Amazon इंडिया पे जो सेल कर रहे हैं Flipkart ये सब मिला के 100 करोड़ का टर्नओवर आपका है एक साल का। तो यूएस में कितना टर्नओवर है? यूएस में हमारा अभी लास्ट 12 मंथ्स का देखा जाए तो हमने ऑलरेडी 3.5 मिलियन यूएस डॉलर किया है। 3.5 मिलियन अराउंड 3.5 करोड़ के आसपास हो गया। ₹5 करोड़ 35 करोड़ सॉरी 35 करोड़ इंडियन यस क्या बात है तो वो भी इंडिया में बैठे-बैठे सो व्हिच इज अ वैरी गुड फॉर अस ग्रेट तो अभी हम थोड़ा इसको डिटेल में जानेंगे अभी सबसे पहले आप ये बताइए कि क्या प्रोडक्ट हम यूएस में सेल कर रहे हैं यूएस में अभी हम लोग कंप्यूटर एक्सेसरीज बेच रहे हैं ओके रिसेंटली हमने हमारा जो इंडिया का बड़ा ब्रांड है स्टोर राइट वो भी हमने वहां पे ट्रेडमार्क वगैरह ले लिया है अभी तो उसके भी प्रोडक्ट्स हम लोग जैसे स्टोरेज बैग लास्ट एपिसोड में मैंने बताया था अंडरबेड स्टोरेज बैग स्लिंग िंग बैग है, डफल बैग है तो वो सब भी हम लोग अभी लाइक आधी हमने ल्च कर दी है ऑलरेडी आधी इन प्रोसेस लाइक शिपमेंट हमारी ऑन द वे है बाय सी तो वो भी ल्च हो जाएगी मींस बाय एंड ऑफ ईयर स्टोरइड के काफी सारे मींस मोर देन 350 प्रोडक्ट्स हम लोग वहां पे एक्टिव कर रहे हैं। बट अभी हम लोग सटेक आईटी करके सटेक आईटी करके ब्रांड में लाइक USB केबल्स है, माउसपैड है, आरf आईडी ब्लॉकिंग कार्ड है। ऐसे एक लिमिटेड प्रोडक्ट्स लेके चल रहे हैं। वो हमको बहुत अच्छा रिटर्न दे रही है। यूएस में कितने प्रोडक्ट्स हम कर रहे हैं? एस यूएस में लाइक जो भी ये जो 3 मिलियन डॉलर वाला जो मैंने बोला वो इट वाज़ अराउंड लाइक 150 प्रोडक्ट्स लाइक क्यूज वाइज प्रोडक्ट्स तो बहुत कम होंगे। मींस समझो 40 30-4 प्रोडक्ट्स ही है। ठीक है? अ बट लाइक पैक वाइज जाए नंबर वाइज जाए तो उसके हिसाब से स्क्यूस हमारे 1150 के आसपास है अभी के। तो एक बार आपके हम स्टोर पे नजर डालते हैं। तो गाइस अभी जैसे amazon.com पे हमने इनका स्टोर सर्च किया है स टेक आईटी के नाम से। आप भी अगर सर्च करोगे तो आपको दिख जाएगा। और यह इसलिए दिखा रहे हैं ताकि आपको आईडिया लग जाए कि एक्सैक्टली क्या प्रोडक्ट्स हैं। तो जैसे मैं यहां पे देख रहा हूं कि आरएफ आईडी एंड एनएफसी तो ये क्या होता है सर आरएफ आईडी एंड एनएफसी ब्लॉकिंग कार्ड। आरएफ आईडी कार्ड आपका जो जैसे आपके लाइक क्रेडिट कार्ड पे जो वाईफाई का आप लिमिट जो सेट करते हो कि यार ₹5,000 तक मेरे पास जो टच करते हैं टच एंड वो वाला। तो अगर आपने ये आरएफ आईडी ब्लॉकिंग कार्ड आपके वॉलेट में रख दिया या तो आपके कार्ड के साथ अटैच कर दिया तो वो आपके पैसे को लाइक ब्लॉक कर देगा। मींस कोई भी समझो कि आप कहीं पे ट्रेवल कर रहे हो या आपके बैंक में आपका वॉलेट रखा हुआ है। अगर उसके साथ ये आरएफआईडी कार्ड है तो इजीली कोई आपका पैसा आपके कार्ड से खींच नहीं पाएगा। हां वो जैसे कोई मशीन लेके टैप कर दिया आपके वॉलेट पेस तो पैसा चला जाता है डेफिनेटली ये उससे आपको बचाता है हां और यूएस में ये हमारा प्रोडक्ट इसलिए चल रहा है कि यूएस में अपना इंडिया जैसा ओटीपी सिस्टम नहीं है और वहां पे क्रेडिट कार्ड पे लोग लिमिट वगैरह ओटीपी नहीं लगता तो वहां पे लोगों के पैसे ऐसे ज्यादा जा रहे हैं। तो दैट्स व्हाई वो लाइक काफी सारे कस्टमर्स अपने फ्रेंड्स एंड फैमिली को गिफ्ट करने के लिए भी हमारी वाली ये वाली प्रोडक्ट्स बाय कर रहे हैं। अरे वाह। और यहां पे देख रहा हूं कि यहां पे हाई क्वालिटी USB केबल्स हैं। अ माउस पैड भी है। मेल टू फीमेल एक्सटेंशन एक्सटेंशन केबल। केबल्स वगैरह हम लोग एक्चुअली एक्सक्लूसिव लेंथ बेचते हैं कि छोटी वाली लेंथ है। जैसे 15 सेंटीमीटर का यूएसबी एक्सटेंशन केबल आपको इजीली नहीं मिलेगा। तो इलेक्ट्रॉनिक्स एक्सेसरीज में हम लोगों ने ऐसे एक्सक्लूसिविटी क्रिएट की है के रेगुलर केबल्स नहीं बेचते। रेगुलर अदर सेलर 1 मीटर वाली लेंथ बेचते हैं। हम लोग छोटा सा टुकड़ा बेचते हैं। तो वो थोड़ा एक्सक्लूसिव हो जाता है तो आपके लिए मार्जिन भी अच्छा रहता है। मींस यूएस में मार्जिन भी अच्छा है। और मैं देख पा रहा हूं यहां पे बेस्ट सेलर्स भी है आपके प्रोडक्ट। यस। आरएफ आरडी हमारा लाइक पिछले आई थिंक एक डेढ़ साल से नंबर वन रैंक पे चल रहा है। तो वो हमको बहुत अच्छे नंबर्स लाके देता है। ग्रेट सर। और मैं देख पा रहा हूं जैसे यहां पे आईएआर में शो हो रहा है। तो ये कुछ कोई महंगा भी नहीं है आपके प्रोडक्ट्स। आई थिंक दो आरएफ आईडी कार्ड ₹573 का है। यस। तो यूएस में तो थोड़ा दबा के हम बेच सकते हैं। यूएस में हम लोग आए। यूएस में हमारे पास मार्जिन है। है ना? क्योंकि तो भी तो आपने बहुत कम प्राइस पे लिस्ट किया है। नहीं फिर भी वो कंपिटिटिव प्राइस है। बिकॉज़ उसमें भी कंपटीशन तो ऑलवेज रहेगी। तो दूसरे सेलर लाइक चाइना से डायरेक्ट भी बेचते हैं। तो वो कंपटीशन की वजह से हम लोगों को प्राइस थोड़ी फेयर रखनी पड़ती है। कोई एक प्रोडक्ट मैं आपका ओपन करके देखता हूं। एक आरएफ आईडी कार्ड ही हम देख लेते हैं। तो यहां पे देखते हैं 12,000 से ज्यादा रिव्यूज हैं। 4.6 की रेटिंग है। तो ये कितने टाइम से आप यूएस में सेल कर रहे हैं सर? यूएस में लाइक आरएफआरडी कार्ड हम लोग आई थिंक लास्ट तीन साल से कर रहे हैं। पहला एक साल तो हमारा वो एवरेज चला था। बट अचानक से उसकी डिमांड वगैरह बहुत बढ़ी यूएस में तो पिछले दो साल से बहुत ही अच्छा बिक रहा है। तो एक चीज बताइए जैसे आपने ये प्रोडक्ट लिस्ट करे Amazon पे तो ये अवेयरनेस फैली कैसे होगी कि यार ये प्रोडक्ट लेने से ये चीजें हो जाएंगी। तो आपने मार्केटिंग कैसे करी थी? मार्केटिंग हम लोग लाइक वीडियोस वगैरह बनाते हैं प्रोडक्ट। उसका जो ए प्लस कंटेंट रहता है। मींस डिस्क्रिप्शन में आप इमेजज़ वगैरह लाइफ स्टाइलाइल इमेजज़ डाल सकते हो। जी तो वहां पे है यार ये सब प्रिवेंट कर सकते हो आपके पैसे आपके पैसे कोई लेके जाएगा नहीं तो और वीडियोस भी हम लोगों ने प्रॉपर्ली बनाए हुए हैं कि किस तरीके से आपके पैसे कोई लेके जा सकता है मैं देख सकता हूं तो बेसिकली वो सब चीजों की वजह से कस्टमर को लाइक जो भी लाइक Amazon पे आ रहा है या हमारी प्रोडक्ट देख रहा है तो उसको लग रहा है कि यार इतनी वैल्यू में अगर मेरा लाइक पैसा कोई लेगा नहीं तो दिस इज़ वर्थ टू बाय क्योंकि हम लोग $10 में 5 यूनिट्स देते हैं। और अगर कोई बल्क बयर है तो 50 यूनिट हम लोग $45 में दे रहे हैं। ओके? तो जो जितना ज्यादा क्वांटिटी लेता है उसको प्राइस का एक बेनिफिट भी मिल रहा है। दो पैक हम लोग लाइक $599 में बेच रहे हैं। एक सिंगल अगर कोई लेगा तो $4 का है। तो उसके हिसाब से एक प्राइस भी जस्टिफाई हो रही है। कुछ लोग वन पैक भी लेते हैं। फिर भी ट्राई करते हैं कि इज इट वर्किंग? अगर वो खुश होता है तो वो अच्छा रिव्यु देता है फाइव स्टार। मींस रिव्यु भी हमारे 4.6 एंड 12,000 इज़ अ जेन्युइन रिव्यूज। लाइक हम लोग फेक रिव्यूज नहीं लेते Amazon पे। सो इट डेफिनेटली हेल्पिंग अस। तो आज की डेट में हमारा लाइक समझो कि 15,000 ऑर्डर आ रहा है। तो उसमें से ऑलमोस्ट 10 टू 12,000 सिर्फ एक ही प्रोडक्ट का आ रहा है। बाकी 3000 हम लोग दूसरे प्रोडक्ट लाइक केबल्स है, माउसपैड है, बैग्स वगैरह में से ला रहे हैं। तो मंथली कितने ऑर्डर्स हैं? 15,000 मंथली हमारा रेगुलर 15,000 ऑर्डर आता है। बट लाइक नवंबर, अक्टोबर, नवंबर, दिसंबर ये हमारा पिक पीरियड होता है। लाइक यूएस में भी वो लाइक सीजन वगैरह लास्ट क्वार्टर वाला तो तब हमारे आर्डर ऑलमोस्ट डबल हो जाते हैं। मींस 1000 प्लस डे आता है। तो मंथली कितना सेल कर रहे हैं हम? मंथली अभी अभी एवरेज देखा जाए तो $00 नहीं 150 के टू 200 का एवरेज है मंथली। ओके .5 लाख से $2 लाख। यस। गॉट इट। तो अब एक चीज बताइए कि इस प्रोडक्ट का आईडिया कैसे आया था कि यार ये हम सेल करते हैं यूएस में। या एक्चुअली ये प्रोडक्ट लाइक सबसे पहले मैं आरएफ आईडी स्लीव बेच रहा था कि जिसके अंदर कार्ड आप डाल सको। जैसे पॉकेट जैसा आता है तो उसका हमने लाइक थोड़ा पोटेंशियल चेक किया था कि यार इसका डिमांड है तो वो आरएफ आईडी स्लीव मैंने पहले शुरू किया था उसके बाद जब हम लोग वो कैटेगरी में गए तो हमने देखा कि ऐसे कार्ड भी मिल रहे हैं तो एक लाइक हमारा आज की डेट में जो हमारा कॉम्पिटिट था तो उसका हम लोग देख रहे थे कि यार इसका महीने का 4 5000 यूनिट का आर्डर आ रहा है। तो फिर हमने वो ब्लू कलर में बेच रहा था। उसी प्रोडक्ट को हमने ब्लैक कलर में बनाया। एक यूनिक डिजाइन उससे अलग हम और ब्लैक कलर में हमने उसको ल्च किया। तो इनिशियली वो स्लो चला। बट फिर हमको लाइक तो हमने थोड़ा मार्केटिंग का उस पे एक दो चार चीजें ट्राई की तो वो वर्क्ड आउट हो गई। हम और जो हमारा कॉम्पिटिट 4000 बेच रहा था वो 1000 पे आ गया। उसका 3000 हमने खींच लिया। ओके। तो उसके हिसाब से अभी हम लोग वो वाली कैटेगरी में मार्केट लीडर है। तो हमने वो एक ट्राई किया बट इट वर्क्ड आउट फॉर अस। ये जो आपने दिखाया था अभी लास्ट वीडियो में यस यस है ना तो ये आप सेल कर रहे थे तो आपको इससे आईडिया आया कि हम कार्ड बना सकते हैं। नहीं हम लोग स्लीव बेच रहे थे। एक्चुअली वो पॉकेट जैसा ही आता है। ओके वो अलग चीज है। मींस वो ये भी तो आरएफ आईडी हां ये ये वॉलेट है। आरएफ आईडी वॉलेट है। मींस इंडिया में अभी आरएफ आईडी हम लोग प्रमोट ज्यादा कर रहे हैं कि यार इंडिया के कस्टमर को भी लाइक जो प्राइस में वो लोग वॉलेट ले रहे हैं वही नॉर्मल प्राइस में उनको आरएफ आईडी वाला वॉलेट मिले या तो कार्ड होल्डर मिले तो उनको एक प्रोटेक्शन भी एडिशनल बेनिफिट मिल जाए। ओके। तो बेसिकली हमने कंपटीशन को देख के ही यह प्रोडक्ट लाए थे। बट हमने उसका पूरे का पूरा एग्जैक्टली कॉपी नहीं किया। हमने उसका थोड़ा कलर डिज़ाइन वो सब हमने बदल दिया। तो उसके हिसाब से हमारी प्रोडक्ट चल पड़ी। तो एक और चीज़ बताइए जैसे Amazon.com पे आप बेच रहे हो लाइक तो ये सिर्फ यूएस में जा रहा है या फिर ऑल ओवर वर्ल्ड? नहीं। अगर आप यूएस में बेचते हो लाइक Amazon.com पे तो एक तो आपको कनाडा एंड मेक्सिको वो ऑटोमेटिकली मिल जाता है क्योंकि यूएस का टाई अप है उनके साथ। तो अगर कोई आपके प्रोडक्ट ऑटोमेटिक कनाडा में लिस्ट हो जाते हैं। तो कनाडा में अगर कोई बाय करता है तो उसका शिपमेंट होता है यूएस के वेयर हाउस से। तो ये ये दो प्लेटफार्म आपको एडिशनल ऑटोमेटिक मिल जाता है। बट यूएस ने एक ऐसा रखा है कि वो पूरे वर्ल्ड में शिप करता है एनीवेयर इन द वर्ल्ड। तो कोई भी बंदा कहीं से भी बाय करेगा। अगर कोई यूएई से बाय कर रहा है, कोई यूके से बाय कर रहा है तो उसको एक डिलीवरी टाइम लगेगा बट ही कैन ऑर्डर फ्रॉम.com तो सबसे ज्यादा सेल आपको कहां से आता है? सबसे ज्यादा सेल हमारा यूएस से ही आता है। ओके? हां। और उसके बाद बाकी की कंट्रीज कौन-कौन से? फिर मेक्सिको से थोड़ा अच्छा आ रहा है। कनाडा में है थोड़ा बट कनाडा से थोड़ा कम आ रहा है कंपेयर टू मेक्सिको। ओके। तो अब मैं जानना चाहूंगा कि Amazon पे अपने प्रोडक्ट कैसे हम सेल कर सकते हैं इंडिया में बैठे-बैठे। एक तो Amazon ने है ना यूपीएस यूनाइटेड पार्सल सर्विस के साथ टाई अप किया हुआ है। तो अगर आपको जैसे इंडिया में आप एफबीए कर रहे हो सेम चीज यूएस में भी आप इंडिया में घर पे बैठे एफबीए कर सकते हो। मींस आप प्रोडक्ट रेडी करो। यूपीएस वाला आपके घर से लेके जा सकता है। मींस आपको लॉजिस्टिक का तो कोई वरी है नहीं। मींस इट्स वेरी ईजी प्रोसेस। यूपीएससी आपका कस्टम क्लीयरेंस कर देगा और यूएस के वेयर हाउस में डिलीवर भी कर देगा। सर्टेन अमाउंट ऑफ कॉस्ट। वो भी आपको Amazon पूरा बताएगा कि एस्टीेटेड इतना कॉस्ट लगेगा। तो लॉजिस्टिक वाला पार्ट तो आपका सॉल्व हो गया। अगर आपको एफबीआई के थ्रू बिज़नेस करना है। मींस इंडिविजुअल करोगे तो इतना ऑर्डर नहीं आएगा। क्योंकि कस्टमर को अगर डिलीवरी में टाइम 15 दिन के बाद मिलेगा या 18 दिन के बाद मिलेगा तो वह बेटर कि वह वाला प्रोडक्ट यूएस वाले सेलर से वह चूज़ करेगा कि उसको नेक्स्ट डे डिलीवरी या तो दो-चार दिन में मिल जाए। तो अगर आपको फास्ट डिलीवरी देना है तो एफबीए वाला मॉडल ही करना पड़ेगा जैसे हम लोग इंडिया में कर रहे हैं। सेम यूएस में आपको एफबी वाला मॉडल कि भाई Amazon के वेयर हाउस में अगर माल पड़ा है तो वो Amazon उसको फास्ट डिलीवरी करेगा। कस्टमर का ट्रस्ट अलग लेवल पर रहता है क्योंकि इंडिया का सेलर है तो जल्दी कस्टमर ट्रस्ट भी नहीं करेगा कि यार माल आएगा नहीं आएगा कितने दिन में आएगा तो इसके लिए एफबीए करना तो जरूरी है हम वहां पे पोटेंशियल बहुत है अ वहां पे वन ऑफ़ द गुड थिंग कि सीओडी नहीं है तो रिटर्न आपका लेस देन 1% है मेरा तो पॉइंट में है तो आई कैन इज़ली ईजीली सर्वाइव ओवर देयर तो आपको क्या रिटर्न आता है क्या बोलते हैं रिटर्न कुछ भी नहीं समझो कि मेरा 15000 ऑर्डर आता है उसमें से 10 यूनिट मेरा महीने का मेरे को डिस्पोज करना पड़ता है व्हिच इज़ नेक्स्ट टू नथिंग वो तो आरटीओ रहता है कस्टमर रिटर्न पे नहीं कस्टमर रिटर्न ओके कस्टमर रिटर्न रहता है तो वो हम लोग वो भी Amazon पे पास ही जाता है बट Amazon मुझे बताता है कि यार तुम्हारे 10 यूनिट एक ये महीने में आए थे उसको आपको क्या करना है तो अपने पास ऑप्शन रहता है कि हम लोग उसको डिस्पोज कर सकते हैं तो वो तो पॉइंट में है मींस 15000 ऑर्डर के सामने 10 ऑर्डर मींस वो कुछ भी नहीं है तो इस नेक्स्ट टू नथिंग वो 0% ही लेके चलो आप रिटर्न तो छोड़ ही दो यूएस में क्योंकि सीओडी ही नहीं है तो रिटर्न का तो प्रॉब्लम सॉल्व हो गया आपका तो ये जो प्रोडक्ट आप बोल रहे हो डिस्पोज करने के लिए तो क्या प्रोडक्ट हम वापस दूसरे किसी को नहीं बेच सकते वो वो भी कर सकते हो डिफेक्टेड रहता है क्या वो डिफेक्टिव रहता है या तो फिर वो ओरिजिनल पैकेजिंग में नहीं रहता तो Amazon उसको वापस कस्टमर को नहीं देगा तो दूसरा ऑप्शन आपके पास ये है कि आप आपका कोई रिलेटिव वगैरह रहता है तो आप उसको भी लाइक रिकॉल करके उसको वहां भेज सकते हो तो जैसे एग्जांपल के लिए जो मान के चलिए ये प्रोडक्ट आप भेज रहे हो Amazon यूएस में तो हमें यहां से जब हम भेजना है यूपीएस के थ्रू तो इसको अच्छे से पैक करके भेजना है यस इसको पैक करना पड़ेगा इसके ऊपर उसका जो एफबीआई का बारकोड वगैरह क्यू वगैरह लगेगा पूरा डिटेल जाएगा। नहीं नहीं इंडिया से जब भेज रहे हैं। हां इंडिया से भेजे हर एक हर एक प्रोडक्ट पे बारकोड लगता है। Amazon का एफबीएस सिस्टम ही उस पे काम करता है। इंडिया में भी ऐसा ही है कि मैंने लाइक अगर मैं कुछ लाया लोकली बाय किया तो चाइना से आर्डर किया उसको पूरा रिस्ट्रक्चर तो करना ही है आपको। हर उसको प्लास्टिक के बैग में डालो या तो बॉक्स में डालो उसके ऊपर बारकोड लगाओ। उसके बाद Amazon में भेजना है। सेम प्रोसेस इन यूएस। यहां से इंडिविजुअल यूनिट को आपको बारकोडिंग करके ही भेजना है क्योंकि उसी पे Amazon काम करता है। जब वो उसके वेयर हाउस में जाएगा तो पहले बॉक्स का लेबल स्कैन करेंगे तो उनको पता चल जाएगा कि भाई ये लाइक पर्टिकुलर ये सेलर का माल है। फिर उसके अंदर क्या है वो वो भी उनको वो बारकोड में पता चल जाता है कि ये शिपमेंट में ये तीन चीजें आनी है तो फिर उस पे ये तीन बारकोड है कि नहीं वो लोग क्रॉस चेक कर लेते हैं। तो पूरा बारकोडिंग सिस्टम पे ही काम होता है। तो अभी एक आईडिया कैसे लगेगा कि यार मुझे इतने प्रोडक्ट्स भेजने चाहिए। एक्चुअली यूएस में कैसा है कि लाइक यूएस में भी अगर आपको सबसे पहले तो ब्रांड खुद का ब्रांड बनाओ तो ही अच्छा रहेगा। बराबर है और बाकी फिर तो वहां कंपनी रजिस्टर करनी पड़ेगी। नहीं आप इंडिया का ट्रेडमार्क भी Amazon आपको फैसिलिटी देता है कि आप यूज़ कर सकते हो। वहां पे किसी का रजिस्टर नहीं होना चाहिए। अच्छा ब्रांड कहने का मतलब कि पर्टिकुलर एक अच्छे नाम से आप ट्रेडमार्क लेना पड़ेगा आपको। हां तो कोई कॉपी नहीं तो क्या मुझे लगा अपनी खुद की वेबसाइट बनानी है। हां। नहीं तो इसमें क्या होता है कि अगर आप आपने किसी का नाम लेके किया तो यूएस में तो वैसे भी यूएस नहीं पूरे इंडिया वर्ल्ड में ऐसा है कि आप किसी का ट्रेडमार्क बिना ऑथोराइजेशन के यूज़ नहीं कर सकते। वो इमीडिएटली आपको लाइक Amazon से निकाल सकता है या तो कंप्लेन कर सकता है। तो बेसिकली एक यूनिक नाम चूज़ करके उसका ट्रेडमार्क इंडिया में रजिस्टर कराओ तो भी आप यूएस में यूज़ कर सकते हो। बाद में आप यूएस यू आपको लगे कि आपका बिज़नेस चल पड़ा है तो आप यूएस में भी उसको रजिस्टर करवा सकते हो। इंडिया में कंपनियां है जो आपको करके देती है। आपको यूएस जाने की जरूरत नहीं है। यहां से बैठे-बैठे सब कुछ हो सकता है। तो यूएस का ट्रेडमार्क भी आ जाता है। उसका एक प्रोसेस है। 12 से 18 महीने का प्रोसेस है बट ट्रेडमार्क आ जाता है। तो एक खुद की ब्रांड बनाओ। 30-4 प्रोडक्ट्स आप आराम से ल्च करो। यूएस में एक चीज है कि वहां पे मार्जिन बहुत ही अच्छा है कंपेयर टू इंडिया। तो अब जैसे 30 40 प्रोडक्ट्स आप बता रहे हो। तो इसमें हमें कितनी क्वांटिटी प्रोडक्ट्स हमें भेजने चाहिए? क्वांटिटी आप यूएस में देखो अगर आप एड्स वगैरह प्लान कर रहे हो तो एटलीस्ट मिनिमम 50 या 100 पीसेस बेचना चाहिए। अगर आपको लगता है कि नहीं मेरा प्रोडक्ट लाइक मैं एड्स कम करूंगा तो आप 20 यूनिट से भी ट्राई कर सकते हो। मींस 20-20 पीसेस आप 30-4 प्रोडक्ट्स में आप 600 700 यूनिट से भी बिज़नेस चालू कर सकते हो। उसमें से आपको रिफाइन हो के मिल जाएगा कि यार मेरा ये चारप प्रोडक्ट चल रहा है तो उसका ज्यादा क्वांटिटी भेजो। तो वहां पे एक चीज है कि आपकी प्रोडक्ट डिलीवर प्राइस आपकी महंगी हो जाएगी क्योंकि आपको प्रोडक्ट की कॉस्टिंग इंडिया में समझो कि आपका ₹100 का प्रोडक्ट है बट उसको भेजने का और ₹100 लग जाएगा। ऐसा लेके चलो अगर आप बाय सी भेजते हो तो बाय एयर भेजते हो तो और ज्यादा भी हो सकता है। मींस लैंडिंग कॉस्ट आपकी जो यूएस में पड़ेगी आपको वो वाली कॉस्टिंग को लेके चलना है और फिर उस पे मार्जिन बन रहा है कि नहीं ऐसे लेके चलना है। ओके तो बेसिकली हमें प्रोडक्ट पहले मैन्युफैक्चरर से सोर्स करना है इंडिया में। फिर यहां से हमें भेजना है यूएस। यस। फिर वहां पे जो लैंडिंग कॉस्ट अ आपकी आएगी उस वो वाली कॉस्ट पे आपको फिर वो कैलकुलेशन लगानी है कि Amazon की फीस कितनी जाएगी? मैं मार्केटिंग करूंगा तो कितना जाएगा। उसके बाद मेरे पास बचता है कि नहीं? तो इसमें आपकी टीम कितनी बड़ी है? यूएस के लिए मेरे पास लाइक बेसिकली मेरा इंडिया का बिज़नेस है। तो वही टीम लाइक वही है। यूएस के लिए अलग से सेल्स के लिए दो बंदे हैं। सिर्फ दो बंदे। ठीक है। बाकी तो वेयर हाउस वगैरह तो कॉमन है। तो सेल्स के लिए हमारे पास दो बंदे हैं और बाकी मैं खुद थोड़ा बहुत देखता रहता हूं। तो प्रॉफिट कहां पे ज्यादा होता है? इंडिया में या फिर यूएस में? प्रॉफिट वाइज जाए तो यूएस में अच्छा प्रॉफिट है कंपेयर टू इंडिया। इंडिया में आप रुपीस में बेच रहे हो तो उसका वो कैलकुलेशन आपका वैसा ही रहेगा। तो जब आपने प्रोडक्ट वहां पे लिस्ट किया था Amazon यूएस वाले पे तो कितने टाइम में ऑर्डर्स आने शुरू हो गए थे? यूएस में जब हमने चालू किया था तो ऑर्डर्स तो आ ही रहे थे। मींस पहले शुरू से ही आने लगे। शुरू से ही आ रहे थे। ऐड भी चलाया था आपने। ऐड हम लोगों ने लेटर ऑन चलाया था बट पहले हम लोग ऐसे ही ऑर्गेनिकली ही चलाते हैं क्योंकि थोड़े मैं थोड़ा एसओसवी प्रोडक्ट यूएस के लिए सोर्स करता हूं कि भाई कॉमन नहीं होना चाहिए बहुत मींस Amazon का यही फंडा है कि जो बहुत कम लोग बेचते हैं ना आप उसमें पढ़ो तो एटलीस्ट आप मार्केट शेयर अच्छा खासा आपके पास आएगा। अगर आप लाइक 100 लोग बेच रहे हैं वही चीज में पढ़ रहे हो तो आपके पास दो-3% ही मार्केट शेयर आएगा। कैसे पता चलेगा कि इस चीज को कम लोग बेच रहे हैं। वो जब आप सर्च करते हो तो पता चल जाता है कि कितना कितने-कितने लोग बेच रहे हैं। वहां पे पूरा वो डाटा Amazon पे दिखाई देता है। ठीक है? तो वो एक अपने को फायदा होता है कि बहुत कम लोग बेच रहे हैं ये वाला प्रोडक्ट समझो कोई USB केबल 15 सेंटीमीटर वाला चारप बंदे आपको दिख रहे हैं तो और उनके अगर 10000 दो2000 ऑर्डर दिख रहे हैं आपको नंबर्स तो अपने को उसमें पड़ना चाहिए। ओके कि वहां से आप 400 500 ऑर्डर खींच सकते हैं। 3.5 मिलियन आप कर रहे हैं। यस तो एक बार ऑडियंस को दिखा सकते हैं लास्ट वीडियो की तरह। यस बता सकते हैं। क्यों नहीं बता सकते? डेफिनेटली। गाइज़ इतनी ट्रांसपेरेंसी आपको किसी और चैनल पे नहीं मिलेगी। तो चैनल को सब्सक्राइब कर लो और फटाफट से लाइक बटन दबा दो। यह पिछले 12 महीने का सेल है। क्या बात है। 3.573 मिलियन। अच्छा लास्ट एक साल में 109% का हक भी है। हक भी है। यस। अच्छा। मतलब इसके पहले हम 1.5 मिलियन के आसपास कर रहे थे। यस। ग्रेट। लास्ट 30 डेज का भी देख लूं सर। यस। लास्ट 30 डेज का देख लो। यह साल का भी देख लो अभी तक का। लास्ट 30 डेज का है $.5 लाख के $55000 क्या बात है अगर इस साल का हम देखें लाइक 2026 में कितना किया है जनवरी से लेके अभी सेप्टेंबर चल रहा है तो कितना किया है दो3 मिलियन यस वाओ अच्छा यहां पे जैसे ये जो Amazon यूएस का और इंडिया का हम यहीं से स्विच करके देख सकते हैं। यस ईजीली यस ओके थैंक यू सो मच सर इससे थोड़ा मोटिवेशन तो आ गया होगा गाइस ओके ग्रेट सर थैंक यू सो मच सर इतनी ट्रांसपेरेंसी के साथ आपने डाटा शो कर दिया एंड आई एम श्योर कि ये किसी और चैनल पे नहीं होता है तो थैंक यू इसके लिए थैंक यू सर थैंक यू ओके तो सर अब हम जानेंगे कि जो नया सेलर है या फिर जो लोग ऑलरेडी इंडिया में सेल कर रहे हैं वो लोग अगर यूएस में सेल करना चाहते हैं तो उनके लिए आप स्टेप बाय स्टेप बता सकते हैं। यस उनको डेफिनेट देखो उनके पास सब कुछ है। Amazon का एक्सपीरियंस है, प्रोडक्ट्स है, उनकी खुद की ब्रांड होगी। तो आई सजेस्ट कि उनको यूएस का एक बार ट्राई करना ही चाहिए और एटलीस्ट एक साल देना चाहिए। अगर उनकी प्रोडक्ट्स इंडिया में अच्छी खासी चल रही है, अच्छा खासा रैंकिंग है तो उनको एक फायदा हो जाता है कि उनका रिव्यूज वगैरह पूरे का पूरा Amazon यूएस में शिफ्ट हो जाता है। हम मींस आपके इंडिया में जो रिव्यूज है अगर वो मैं वो प्रोडक्ट मैं यूएस में ल्च करता हूं तो उसका जो एसीन रहता है मींस Amazon में एसीन बोलते हैं उसको स्क्यू को तो वो आपका सेम ही रहता है हम क्योंकि आपके ब्रांड भी सेम है। तो जैसे अगर आपका लिस्टिंग रिव्यू के साथ कॉपी होगा वहां पे। ओके। जैसे एग्जांपल के लिए मैंने जो प्रोडक्ट यहां इंडिया में सेल किया उसमें 5000 रेटिंग्स हैं। तो 5000 रेटिंग के साथ वहां भी शो करेगा। यस वाओ तो रेटिंग का सबसे अच्छा फायदा है। तो वो एक पॉजिटिवनेस आ जाती है कि आपको रिव्यूज नहीं बनाने हैं। उधर जाके जीरो से नहीं चालू करना है। मींस आपका ऑलरेडी आधा काम हो चुका है। तो आपको सिर्फ वही करना है कि आपको सिर्फ एफबीए करना है। प्रोडक्ट की प्राइिंग करनी है और उसके हिसाब से आपको मार्जिन वगैरह सेट करके वहां पे ट्राई करना है। जो स्ट्रेटजी आप इंडिया में अप्लाई कर रहे हो वही उधर कॉपी करना है। एडवरटाइजिंग सब कुछ मॉड्यूल भी सेम ही है। उसमें कोई ज्यादा चैलेंजज़ नहीं है। अगर हमें नए प्रोडक्ट्स के साथ जाना है तो हम प्रोडक्ट कैसे रिसर्च करेंगे? नए प्रोडक्ट के लिए तो देखो एक चाइना जा सकते हो आप कटन फायर में जा सकते हो रिसर्च कर सकते हो Amazon में जाके बेस सेलर रैंक Amazon भी पूरा डाटा देता है कि हर एक कैटेगरी या सब कैटेगरी में जाके बेस सेलर जो भी टॉप 100 में लोग बेच रहे हैं आप वो भी कॉपी कर सकते हो मींस अभी तो Amazon बहुत सारा डाटा देता है। मींस थर्ड पार्टी कंपनीज़ तो आपको और सारा डाटा देगी कि कौन सी कौन सी प्रोडक्ट कौन सी रैंकिंग पे चल रही है। कौन से कीवर्ड पे चल रही है। कौन से कीवर्ड पे वो मार्केटिंग कर रहा है। इतना पैसा वो डाल रहा है। बहुत सारा चीजें आपको अभी तो अवेलेबल है। बट सिर्फ आपको वो स्ट्रेटजी अप्लाई करनी आनी चाहिए। अच्छा सर ये जो आपने रेवेन्यू शो किया 3. मिलियन डॉलर का जो एक साल का हम कर रहे हैं तो इसमें हमें ग्रॉस प्रॉफिट कितना होता होगा? ग्रॉस प्रॉफिट Amazon इंडिया के जैसा ही है कि यूएस में भी आप धंधा करोगे तो आपको 10% तो मिनिमम ग्रॉस आपको मिल ही जाएगा। ओके। तो उसमें कोई ज्यादा चैलेंजेस नहीं है। शायद आप की प्रोडक्ट अच्छी है। उसके अच्छे नंबर आ रहे हैं तो आप 10 से 12% तक भी जा सकते हो। तो यह हमारे जो शिपमेंट का कॉस्ट और जो टीम है सब कुछ निकाल के हो जाएगा। यस मतलब प्रॉफिटेबल रहेंगे। यस डेफिनेटली। ग्रेट सर। तो अभी जैसे कुछ ऐसी कैटेगरीज आप बता सकते हो जो हम Amazon यूएस में ट्राई कर सकते हैं। Amazon यूएस में देखो लाइक फंडा यही है कि मैंने जब चालू किया था तो मैं छोटी प्रोडक्ट ही बेच रहा था। अभी भी हम लोग वही छोटी प्रोडक्ट मतलब छोटे प्राइस का छोटी एक तो छोटी प्राइस अंडर 10 साइज में भी छोटी हां। और साइज में भी छोटी का फायदा ये है कि आप समझो इंडिया से आप यूएस कुछ भेजते हो तो आपको 10 से ₹12,000 का 20 केg जाता है। ठीक है? तो 20 केजी में आपका जितना मैक्सिमम ज्यादा क्वांटिटी जाए उतना आपका पर यूनिट कॉस्टिंग कम आएगा। समझो कि अगर मैं बड़ी प्रोडक्ट बेचता हूं के बॉक्स में 10 यूनिट ही गया तो आपको लाइक आपका ₹200 का प्रोडक्ट होगा। ₹1000 आपका शिपिंग लग जाएगा। तो इट्स नॉट वर्थ इट बाय एयर। फिर आपको उसको बाय सी भेजना पड़ेगा और बाय सी यूएस पहुंचने में एटलीस्ट 2 से 2ाई महीने का टाइम लगता है। तो वो आपको पेशेंस चाहिए फिर बाय सी भेजना है तो तो वो एक फैसिलिटी है कि बाय सी आपका सस्ता जाता है कि ₹4000 में एक बॉक्स आपका चला जाता है मींस वन थर्ड कॉस्ट हो जाती है बाय एयर से बट अगर बाय एयर से आप नया धंधा शुरू कर रहे हो तो मैं यही चाहूंगा कि छोटी मींस वॉल्यूममेट्रिक प्रोडक्ट नहीं एकदम छोटी साइज में और ज्यादा से ज्यादा क्वांटिटी आप भेज सको ऐसी प्रोडक्ट से शुरू करो। बाय ईयर से तो एकद दिन में चला जाएगा। बाय एयर से मैक्सिमम से डेज Amazon के वेयर हाउस में चला जाता है। आपके अपने डोर से वो पिकअप करेगा। से डेज में Amazon के वेयर हाउस में डिलीवर कर देगा। तो 10 दिन में आपका प्रोडक्ट लाईव भी हो जाएगा। बाय सी में आपको 2ाई से तीन महीना वेट करना है। बट आपकी कॉस्टिंग बहुत अच्छी रहेगी। हम हम तो एक चीज़ बताइए जैसे Amazon इंडिया पे बेचना ज्यादा स्मूथ है या फिर यूएस में बेचना स्मूथ है? एक्चुअली अ मेरे ख्याल से तो Amazon यूएस मेरे को अच्छा लगता है। मींस हम लोग कम लाइक कम क्वांटिटी बेच रहे हैं बट मार्जिन वहां पे अच्छा है थोड़ा बहुत अ रिटर्न नहीं है तो लाइक कॉस्टिंग वाइज़ देखा जाए तो यूएस इज़ मोर बेटर कि आप जितनी मेहनत इंडिया में कर रहे हो उतना अगर आप उतना ही मेहनत अगर यूएस में कर लोगे तो आपका रिटर्न अच्छा आएगा। प्रॉफिट मार्जिन आपका बिज़नेस अच्छा रहेगा। इंडिया में भी ओके ही है। ऐसा कोई ज्यादा चैलेंजज़ नहीं है। बट यूएस इज़ मोर स्मूथर क्योंकि वहां पे मेन चीज है कि कस्टमर लाइक एक तो एजुकेटेड कस्टमर है। अवेयर है वो। यस अवेयर है। और वहां पे कंफर्म कस्टमर ही आते हैं और मार्केट भी सैचुरेटेड है। तो वहां पे ऐसा नहीं है कि विंडो शॉपिंग वाले लोग नहीं आते। इंडिया में अभी भी ये है कि आपका मार्केटिंग का पैसा ऐसा चला जाएगा। वहां पे क्या कन्वर्ज़ रेशियो आपका अच्छा है तो वहां ऐड स्पेंड भी करते हो आप यस एडवर्टाइज कितना करते हो एडवर्टाइज हम लोग यूएस में हमको एटलीस्ट 15 से 20% करना पड़ता है रेवेन्यू का यस इसलिए वहां पे मार्जिन भी हमको थोड़ा ज्यादा रखना पड़ता है कंपेयर टू इंडिया तो जो ये टोटल सेल है 3 मिलियन का इसमें कितना परसेंट होगा ऑर्गेनिक और कितना परसेंट होगा पेड से उसमें एड्स से एड्स अभी हमारा 60-4 का रेश्यो है कि 60% हम लोग एड से लाते हैं 40% हमारा ऑर्गेनिकली आता है बट यूएस में एक अलग लेवल पे कंपटीशन है। इसलिए आपको प्राइस उस हिसाब से अच्छा रखना पड़ेगा। तो जो एड्स से हम सेल लेके आते हैं तो उससे प्रॉफिट हो जाता है। यस आराम से हो जाता है। और 40% ऑर्गेनिकली भी आ रहा है तो वो आपका कवर मिक्स करके प्रॉफिटेबल हो रहा है। ओके ग्रेट सर। थैंक यू सो मच सर। बहुत मजा आ गया आपके साथ बात करके। एंड आई होप कि ऑडियंस को भी आज के एपिसोड से कुछ नया सीखने को मिला होगा। तो अगर आपको लगता है कि आपके लाइफ में जरा सी जरा सी भी वैल्यू ऐड हुई तो वीडियो को लाइक करो और सब्सक्राइब कर लो चैनल को क्योंकि हम यहां पर ऐसे ही इंस्पायरिंग लोगों को बुलाते रहते हैं। तो दोस्तों फिलहाल के लिए इस एपिसोड में इतना ही मिलते हैं किसी और धमाकेदार एपिसोड में तब तक के लिए आप जहां भी रहो मत रहो और मैं सर के जो भी इनके सोशल मीडिया के लिंक्स हैं मैं नीचे डिस्क्रिप्शन में डाल दूंगा। तो आप चेक आउट कर सकते हैं और जैसा कि मैंने स्क्रीन पे आपको दिखाया था सर का स्टोर तो वो भी आप चाहे तो चेक आउट कर सकते हैं। इट इट्स टोटली अप टू यू। ओके थैंक यू। थैंक यू। थैंक यू थैंक यू।

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Assuntos: E-commerce, Plataformas e marketplaces, Logística e pagamentos. Publicado no YouTube em 2026-10-27.

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