Amazon-Flipkart के नाम पर फर्जी वेबसाइट का जाल | Online Shopping Fraud से बचें
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Vídeo em Hindi, publicado pelo canal Bharat 24 - Vision Of New India .
इस सामग्री के बारे में: नीचे दिया गया सारांश, मुख्य बिंदु और विषय वीडियो की ट्रांसक्रिप्ट से स्वचालित रूप से तैयार किए गए हैं। वे वीडियो में प्रस्तुत सामग्री, राय, दावों और भविष्यवाणियों को दर्शाते हैं और All The Gate की ओर से किसी समर्थन, सत्यापन या तथ्य-जांच का प्रतिनिधित्व नहीं करते हैं।
वीडियो सारांश
यह वीडियो त्योहारी सीजन में ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम पर होने वाले साइबर फ्रॉड के बारे में है। वीडियो में बताया गया है कि कैसे ठग असली वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट्स बनाकर भारी डिस्काउंट का लालच देते हैं और लोगों के बैंक खाते खाली कर सकते हैं। इसके अलावा, ऐसे फ्रॉड से बचने के उपाय और ठगी का शिकार होने पर उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी दी गई है।
मुख्य बिंदु
- त्योहारी सीजन में Amazon और Flipkart जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों के नाम और लोगो की नकल कर फर्जी वेबसाइट्स बनाई जाती हैं।
- ठग 80 से 90 प्रतिशत तक का भारी डिस्काउंट और 'आईफोन मात्र 5000 रुपये में' जैसे लुभावने विज्ञापन दिखाकर लोगों को फंसाते हैं।
- वेबसाइट पर 'केवल कुछ मिनट बचे हैं' या 'आखिरी पीस बचा है' कहकर तत्काल भुगतान का दबाव बनाया जाता है।
- सुरक्षा के लिए यूआरएल की जांच करना, सोशल मीडिया विज्ञापनों पर क्लिक करने से बचना और कीमतों की तुलना करना जरूरी है.
- फर्जी वेबसाइट्स पर अक्सर कैश ऑन डिलीवरी का विकल्प नहीं होता है और केवल ऑनलाइन पेमेंट का विकल्प होता है।
- साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत बैंक से संपर्क करके खाता या कार्ड ब्लॉक करना चाहिए और राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए।
विषय
साइबर फ्रॉडत्योहारी सेलई-कॉमर्सऑनलाइन ठगीसुरक्षा टिप्सफर्जी वेबसाइट
वीडियो का ट्रांसक्रिप्ट
उपलब्ध कैप्शन का पाठ; इसमें त्रुटियाँ हो सकती हैं।
मात्र ₹5,000 में iPhone वो भी एकदम नया। यह सुनकर आपकी आंखें जरूर फटी की फटी रह जाती होंगी और दिल कहता होगा बस अभी खरीद लो मौका है और यह कहीं मौका हाथ से ना निकल जाए। नमस्कार, मैं हूं आपके साथ पलक प्रकाश। आप देख रहे हैं भारत 24। यह त्यौहारी सीजन है। चारों तरफ फेस्टिवल सेल की धूम मची हुई है। मोबाइल [संगीत] की स्क्रीन ऑन करते ही ऐसे गजब गजब एक से एक ऑफर्स सामने आते हैं। जिनको देखकर किसी को भी लालच आ सकता है। लेकिन जरा ठहरिए। क्या आपने कभी यह सोचा है कि यह जो 90% डिस्काउंट का लालच आपको दिया जा रहा है। यह आपको किसी बड़ी मुसीबत में तो नहीं डाल रहा। आज इस वीडियो में आपको बताऊंगी कि ऐसे बड़े-बड़े साइबर फ्रॉड जो फेस्टिवल सेल के नाम पर आपके बैंक अकाउंट को एक झटके में एक सेकंड में खाली कर सकते हैं। यह वीडियो बहुत खास है आपके लिए आपके अपनों के लिए। त्यहारी सीजन शुरू होते ही ई-कॉमर्स कंपनियों की असली वेबसाइट के साथ कुछ [संगीत] ऐसी वेबसाइट्स भी एक्टिव हो जाती हैं जो हूबहू Amazon, Flipkart जैसी नजर आती हैं। इनका नाम, इनका लोगो सब कुछ असल कंपनी जैसा होता है। लेकिन बहुत जरा सा फर्क होता है और आप ऐसे में लुट सकते हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के संभल से एक ऐसा ही वाक्या सामने आया था। यहां पर पुशवीर नाम का एक शख्स जिसने Instagram पर एक विज्ञापन देखा। Amazon पर लोगों से मिलताजुलता नाम था। लोगो वैसा था। ऑफर था iPhone 17 [संगीत] मात्र ₹5000 में। उसने उस पर क्लिक किया। Amazon का ऑफिशियल ऐप [संगीत] खुलने की जगह एक कोई दूसरी वेबसाइट खुल गई। वो पेमेंट करने ही वाले थे। गनीमत तो यह रही कि उनके खाते में इतने पैसे नहीं थे। वरना पलक झपकते ही आपका बैंक खाता खाली हो सकता है। ऐसे में ऐसा ही कुछ एक और मामला आया था सामने। Facebook पर Flipkart के नाम से देखा एक विज्ञापन। एक शख्स ने। यहां पर ₹6000 का चूल्हा सिर्फ ₹699 का मिल रहा था। वेबसाइट पर गए तो यह पता चला वहां पर ऑनलाइन पेमेंट का ऑप्शन है। उनको थोड़ा सा शक हुआ। उन्होंने तुरंत Flipkart की जो ऑफिशियल वेबसाइट है वहां पर जाकर चेक किया और वहां पर ऐसा कोई ऑफर नहीं था। यानी कि वो साफ-साफ एक फर्जीवाड़ा था। एक फेक वेबसाइट थी। अब जरा आप समझिए यह ठग काम कैसे करते हैं? इनके हथियार बहुत खतरनाक होते हैं। पहला तो यह कि नाम और लोगों की यह नकल कर लेते हैं। ये लोग बड़ी कंपनियों के नाम में बहुत हल्का सा बदलाव कर देते हैं। स्पेलिंग में थोड़ी सी फेरबदल कर देते हैं। डोमेन नेम कुछ अलग होता है। दूसरा एक बहुत बड़ा इनका एक रीजन होता है क्रेजी डिस्काउंट का। 80 से 90% तक का ही डिस्काउंट दे देते हैं। और ऐसे में फिर दिमाग काम करना बंद कर देता है। इंसान लालच करता है और फिर सब खो बैठता है। तीसरा एक बहुत बड़ा रीजन है। तत्काल भुगतान का दबाव ये लोग बनाते हैं। वेबसाइट पर लिखा होता है बस 10 मिनट बचे हैं। आखिरी पीस बचा है ताकि आपको सोचने का मौका ना मिले। आप फटाफट से पेमेंट कर दें। और सबसे बड़ी बात पेमेंट होने के बाद ना तो वह सामान आपके घर डिलीवर होता है और ना वो ठग दोबारा कभी आपको मिलने वाले हैं। आपकी गाढ़ी कमाई सेकंड भर में गायब हो सकती है। अब आपको जल्दी से कुछ ऐसे जरूरी टिप्स बता देते हैं जो आपके लिए जानना बहुत ज्यादा जरूरी है। आपको वेबसाइट का यूआरएल पता करना होगा। सिर्फ लोगो देखकर आप भरोसा ना करें। [संगीत] ब्राउज़र में ऊपर डोमेन नेम आप चेक करें। क्या वो सच में एक ऑफिशियल वेबसाइट है या कोई मिलती जुलती सी फर्जी वेबसाइट है? दूसरा यह है अचानक आने वाले विज्ञापनों से आपको बचना होगा। सोशल मीडिया, Instagram, [संगीत] Facebook पर किसी भी विज्ञापन का लिंक क्लिक करने की जगह सीधे आप कंपनी की ऑफिशियल ऐप पर जाएं। ओरिजिनल वेबसाइट पर जाएं। वहां पर जाकर आप ऑफर चेक कर लें। तीसरा एक बड़ा इसमें होता है कीमतों की आपको तुलना करना बहुत ज्यादा जरूरी है। अगर कोई चीज बाजार में 500 की है तो कोई आपको 5000 में दे रहा है तो आपको यहां पर संभलने की बहुत ज्यादा जरूरत है क्योंकि इतनी बड़ी छूट आपको नहीं मिल सकती है। यह सिर्फ और सिर्फ आपको झांसा दे सकते हैं और आपको यहां समझना होगा दाल में कुछ काला जरूर है। पेमेंट और कैश ऑन डिलीवरी। अनजान वेबसाइट पर सिर्फ ऑनलाइन पेमेंट या [संगीत] इमीडिएट पेमेंट जो होता है उसका ऑप्शन होता है। कैश ऑन डिलीवरी का ऑप्शन नहीं होता। एक सबसे बड़ा रेड फ्लैग आप इसी को समझ सकते हैं। अपनी जो गोपनीय जानकारी है वो आप कभी साझा ना करें। जो [संगीत] ऑफिशियल ऐप होते हैं वो कभी आपकी गोपनीय जानकारी नहीं मांगते हैं। बैंक डिटेल, एटीएम पिन, पासवर्ड, ओटीपी, किसी भी अनजान [संगीत] लिंक या शख्स के साथ आपको शेयर नहीं करना है। और सबसे बड़ी बात जल्दबाजी तो बिल्कुल भी नहीं करनी है। ऑफर खत्म होने वाला है। इस टर् में इस हड़बड़ी में पेमेंट आप कभी ना करें। अगर बाय चांस अगर आप ठगी का शिकार हो जाते हैं तब आपको क्या करना है? मान लीजिए अगर किसी वजह से आप इस जाल में फंस गए तब आप क्या करेंगे? हाथ पर हाथ धरे बिल्कुल नहीं बैठना है। सबसे पहला क्या करना है? आपको अपने बैंक को तुरंत फोन करना है और तुरंत अपने बैंक से संपर्क करके अपने खाते या कार्ड को ब्लॉक करवाना है ताकि नुकसान ना हो पाए। दूसरा बड़ा कदम आपको क्या उठाना है? साइबर हेल्पलाइन नंबर के ऊपर कॉल करना है। भारत सरकार के नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर है 1930। इस पर आप तुरंत कॉल कर सकते हैं और अपनी शिकायत को दर्ज करा सकते हैं। आपका समय बहुत कीमती है। एक-ए सेकंड बहुत कीमती है। तीसरा कदम आप उठा सकते हैं ऑनलाइन पोर्टल का इस्तेमाल करके। आप तुरंत साइबर crime.in ये वेबसाइट है। इस पर जाकर आप शिकायत कर सकते हैं और ऑनलाइन आप अपनी [संगीत] यहां पर शिकायत दर्ज करवा सकते हैं। तो चकि यह त्यौहार खुशियों का समय होता है। मातम मनाने का नहीं होता है। थोड़े से लालच के पीछे थोड़ी सी जल्दबाजी के पीछे आप अपनी मेहनत की गाढ़ी कमाई उन साइबर ठगों के हवाले बिल्कुल मत कीजिए। सेल का मजा आप जरूर लीजिए। खरीदारी कीजिए लेकिन पूरी सूझबूझ और सतर्कता के साथ। [संगीत]
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Assuntos: E-commerce, Plataformas e marketplaces, Logística e pagamentos. Publicado no YouTube em 2026-10-23.
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